उत्तराखंड के चंपावत से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां कुमाऊं मंडल विकास निगम की गैस एजेंसी के प्रबंधक डीएस रावत ने कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वे पिछले कुछ समय से गैस वितरण को लेकर भारी मानसिक दबाव में थे। बताया जा रहा है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) की ओर से भी वितरण को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
घटना के बाद परिजनों द्वारा उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि 5 अप्रैल को रविवार होने के बावजूद रावत गैस एजेंसी पहुंचे थे, जिसके बाद रात में उनकी तबीयत बिगड़ी और यह दुखद घटना सामने आई।
करीब 55 वर्षीय डीएस रावत मूल रूप से ऋषिकेश के रहने वाले थे और चंपावत में अपनी पत्नी के साथ रह रहे थे। उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक सेना में तैनात है, जबकि दूसरा दिल्ली में निजी नौकरी करता है। इस घटना के बाद 6 अप्रैल को गैस वितरण कार्य बंद रखा गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
