आंचलिक विज्ञान केंद्र का 10वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

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देहरादून: 

आंचलिक विज्ञान केंद्र (आरएससी), देहरादून का 10वां स्थापना दिवस 3 फरवरी 2026 को आरएससी परिसर, देहरादून में मनाया गया। यह कार्यक्रम विज्ञान शिक्षा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार की दिशा में आंचलिक विज्ञान केंद्र की दस वर्षों की सफल यात्रा का प्रतीक रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र प्रभारी डॉ. पीयूष जोशी के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने पिछले वर्ष और दशक में केंद्र की प्रगति का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने केंद्र के नए नवाचारों और गतिविधियों से भी श्रोताओं को अवगत कराया। यूकोस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने यूकोस्ट एवं आंचलिक विज्ञान केंद्र, देहरादून के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस सफल यात्रा के लिए बधाई दी।

प्रो. पंत ने अपने संबोधन में कहा कि आगामी वर्षों में उत्तराखंड साइंस सिटी बनकर तैयार हो जाएगी जो विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी । उन्होंने यूकोस्ट द्वारा विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न प्रयासों जैसे कार्यशालाएं, कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम, विज्ञान, प्रौद्योगिकी , गणित और इंजीनियरिंग ( स्टेम) शिक्षा कार्यक्रम, विज्ञान रेडियो (Vigyaan Radio) तथा अन्य पहलों की जानकारी दी। इस अवसर पर आंचलिक विज्ञान केंद्र, देहरादून का वार्षिक कैलेंडर, डायरी, विवरणिका एवं वार्षिक प्रतिवेदन का भी विमोचन किया गया। डॉ. पियूष गोयल, एमेरिटस साइंटिस्ट, यूकोस्ट, ने उभरती वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगतियों तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नए अनुसंधान क्षेत्रों पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया और विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक शोध कार्यों की जानकारी दी ।

डॉ. डी. पी. उनियाल, संयुक्त निदेशक, यूकोस्ट, ने हिमालयी क्षेत्र की जैव विविधता विषय पर व्याख्यान देते हुए इसके संरक्षण के महत्व से सबको अवगत कराया। जी. एस. रौतेला, सलाहकार, साइंस सिटी, ने शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों और उनमे भविष्य की संभावनाओं से सबको अवगत कराया। उन्होंने सफल करियर के अवसरों एवं सफल पेशेवर जीवन पर सबका मार्गदर्शन किया । उन्होंने विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित विज्ञान प्रदर्शनों के माध्यम से एक रोचक एवं संवादात्मक सत्र भी प्रस्तुत किया। श्री विनोद ओझा, एमेरिटस साइंटिस्ट, यूकोस्ट, ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के माध्यम से करियर हेतु व्यक्तित्व पहचान विषय पर व्याख्यान दिया, जिससे विद्यार्थियों को आत्ममूल्यांकन एवं करियर चयन में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने यूकोस्ट के वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया तथा अपनी शैक्षणिक समस्याओं एवं जिज्ञासाओं पर चर्चा की।

इस कार्यक्रम के अवसर आज के दिन पर आंचलिक विज्ञान केंद्र का भ्रमण आम जनता और आगंतुकों फ्री था। इस कार्यक्रम में डॉल्फिन पीजी कॉलेज एवं उत्तरांचल विश्वविद्यालय के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर यूकॉस्ट और आंचलिक विज्ञान केंद्र तथा अन्य संस्थानों से आये विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अंत मे केंद्र प्रभारी डॉ पियूष जोशी द्वारा धन्यवाद् प्रस्ताव से हुआ।

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