
विशेष संवाददाता :
विषय – चयनित अभ्यार्थी ने छोड़ी नौकरी… तो किसका होगा हक ? मेरिट वालों के हक पर बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला क्या हाईकोर्ट का फैसला बनेगा मेरिट की जीत?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मेरिट में चयनित उम्मीदवार के ज्वाइन करने से इनकार करने पर दूसरे अभ्यार्थी को मौका नहीं देने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है… कोर्ट ने कहा कि अगर चयनित उम्मीदवार पदभार ग्रहण नहीं करता है, तो मेरिट में अगले उम्मीदवार को अवसर दिया जाना चाहिए… कर्मचारी राज्य बीमा निगम की साल 2019 की स्टाफ नर्स भर्ती से जुड़ा है… 17 पदों की भर्ती में OBC वर्ग की एक सीट थी… इस सीट पर राखी पाल का चयन हुआ, लेकिन उन्होंने नौकरी ज्वाइन नहीं की… इसके बाद मेरिट में अगली उम्मीदवार दीप्ति साहू ने खाली हुई सीट पर अपना दावा पेश किया… लेकिन, दीप्ति को कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने मौका नहीं दिया… निगम के फैसले के खिलाफ दीप्ति साहू की अपील को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने भी खारीज कर दिया…
मामला हाईकोर्ट पहुंचा… डिवीजन बेंच ने CAT का पूर्व आदेश निरस्त करते हुए निगम को दीप्ति की दावेदारी पर दो महीने के भीतर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है… कोर्ट ने कहा कि भले ही भर्ती नियमों में अलग से वेटिंग लिस्ट का प्रावधान नहीं था, लेकिन सक्षम प्राधिकारी के प्रशासनिक निर्देशों में आरक्षित सूची का प्रावधान था… ऐसे में चयनित अभ्यर्थी के ज्वाइन नहीं करने पर अगली पात्र अभ्यर्थी को अवसर देना जरूरी था।
