देहरादून से बड़ी खबर: यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, सहायक प्रोफेसर सहित तीन गिरफ्तार
देहरादून:
उत्तराखंड में लंबे समय से सुर्खियों में रहे यू.के.एस.एस.एस.सी (UKSSSC) स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में आज एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एक सहायक प्रोफेसर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई परीक्षा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में सहायक प्रोफेसर भी शामिल
CBI ने जिस सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है, उनका नाम श्रीमती सुमन है, जो टिहरी गढ़वाल के शहीद श्रीमती हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल) में सहायक प्रोफेसर के पद पर तैनात थीं। आरोप है कि वे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश में शामिल थीं और जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत उनके खिलाफ सामने आए।
दो अन्य आरोपी भी CBI की गिरफ्त में
CBI ने इस मामले में दो अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया है। इनमें पहला नाम मोहम्मद खालिद का है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का सक्रिय सदस्य माना जा रहा है। दूसरा नाम सबीहा उर्फ सबिया का है, जो मोहम्मद खालिद की बहन बताई जा रही है और उस पर भी पेपर लीक रैकेट में सहयोग करने के आरोप हैं। दोनों के खिलाफ CBI को कई डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
पेपर लीक केस में लगातार हो रही है कार्रवाई
उत्तराखंड की इस बहुचर्चित परीक्षा लीक प्रकरण में पहले भी कई अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार गिरफ्तार हो चुके हैं। CBI की यह ताज़ा कार्रवाई बताती है कि जांच एजेंसी पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने के लिए गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी और भी लोगों से पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
धामी सरकार पहले ही सख्त कार्रवाई के संकेत दे चुकी हैं
राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि पेपर लीक जैसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। CBI की यह गिरफ्तारी भी उसी दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
