
देहरादून :
झाझरा स्थित जलवायु टावर्स में दुर्गा पूजा समिति एवं कल्चरल एसोसिएशन द्वारा रविवार को शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर कोजागरी लक्ष्मी पूजा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। दुर्गा पूजा महोत्सव 3.0 के बाद आयोजित इस पूजा में बड़ी संख्या में निवासियों ने भाग लिया।
बंगाली परंपरा के अनुसार दुर्गा पूजा के बाद आने वाली पहली पूर्णिमा पर माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात माँ लक्ष्मी धरती पर विचरण करती हैं और पूछती हैं, “को जागर्ति?” अर्थात “कौन जाग रहा है?” जो भक्त जागकर श्रद्धा से उनकी आराधना करते हैं, उनके घर माँ धन-धान्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इसी से इस पूजा का नाम “कोजागरी” पड़ा।
पूजा स्थल को पारंपरिक अल्पना से सजाया गया, जिसमें माँ लक्ष्मी के चरण-चिह्न बनाए गए। विधि-विधान से माँ लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की गई, और शंखध्वनि व उलूध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद माँ को भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि दुर्गा पूजा के बाद लक्ष्मी पूजा का आयोजन हमारी परंपरा की निरंतरता का प्रतीक है, और ऐसे आयोजन सोसाइटी के सभी परिवारों को एक सूत्र में बाँधते हैं। समिति ने आयोजन में सहयोग के लिए सभी निवासियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर समिति के सुधीर जैन, तनुप्रिया चौधरी, देबाशीष, कल्याणी, तरित मित्रा, मीनाक्षी, अरूप चक्रवर्ती, डोलन, संदीप, चंदना मित्रा, मृगेन्द्र चौधरी, गार्गी, अभिजीत, जॉली सेन, दीपक रंजन, ऋतुपर्णा, देबज्योति एवं विनय कांडपाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
