देहरादून से बड़ी खबर :
उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य कैबिनेट का विस्तार कर दिया गया है। इस विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से चर्चाओं का बाजार गर्म था, लेकिन अंतिम फैसले ने सभी कयासों को पलट दिया। जिन नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा थी, उनमें से कई बाहर रह गए, जबकि कुछ ऐसे विधायकों को मौका मिला जिनकी उम्मीद कम मानी जा रही थी।
राजधानी देहरादून स्थित लोक भवन सूचना परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने पांच विधायकों में खजान दास, भरत चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस दौरान सरकार के वरिष्ठ नेता, अधिकारी और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह सादगीपूर्ण लेकिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों में खजान दास, भरत चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा शामिल हैं। इन सभी नेताओं को कैबिनेट में शामिल कर पार्टी ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। खास बात यह है कि कुछ ऐसे चेहरे भी शामिल किए गए हैं जिन्हें पहले मंत्री बनने की दौड़ में पीछे माना जा रहा था, जिससे राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
कैबिनेट विस्तार के इस फैसले को आगामी चुनावी रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धामी सरकार ने संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने के साथ-साथ असंतुष्ट विधायकों को साधने की कोशिश की है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए मंत्री अपने विभागों में किस तरह प्रदर्शन करते हैं और सरकार की कार्यशैली पर इसका क्या असर पड़ता है।
