मध्य प्रदेश मेरी जन्मभूमि है और उत्तराखण्ड कर्मभूमि: राज्यपाल

Slider उत्तराखंड

लोक भवन देहरादून/मध्य प्रदेश 

उत्तराखण्ड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन शनिवार को अपने गृह जनपद सिवनी (मध्य प्रदेश) पहुंचे। राज्यपाल बनने के बाद गृह जनपद के अपने पहले दौरे पर आयोजित स्वागत समारोह में उन्होंने सिवनीवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपनी जन्मभूमि और अपने लोगों के बीच आकर वे बहुत भावुक हैं। यहां की मिट्टी, बचपन की यादें और लोगों का अपनापन हमेशा उनके साथ रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि मध्य प्रदेश उनकी जन्मभूमि है और उत्तराखण्ड उनकी कर्मभूमि। उत्तराखण्ड के राज्यपाल के रूप में वे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। शिक्षा, उच्च शिक्षा, अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण जैसे विषयों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।

युवाओं को संदेश देते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और नए प्रयोगों के साथ अपने संस्कारों और अच्छे चरित्र को भी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं, महिलाओं और किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। किसानों की खुशहाली, महिलाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर और प्रत्येक व्यक्ति को अच्छी शिक्षा मिलना जरूरी है।

राज्यपाल ने सिवनीवासियों द्वारा किए गए स्वागत और सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस सम्मान को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि अपनी जन्मभूमि के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने सभी से अपनी मिट्टी, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व करने तथा नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने की अपील की। उन्होंने सिवनी की निरंतर प्रगति और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *