देहरादून:
रुद्रप्रयाग जनपद में अगस्त्यमुनि स्थित खेल मैदान (स्टेडियम) के गेट तोड़े जाने की घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। जिले के जिलाधिकारी प्रतीक जैन का तबादला कर दिया गया है। यह निर्णय उस विवाद के बाद आया, जिसमें 15 जनवरी 2026 को अगस्त्य मुनि महाराज की देवरा यात्रा के दौरान पारंपरिक मार्ग को लेकर भक्तों और जिला प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। घटना ने पूरे क्षेत्र में आस्था बनाम प्रशासनिक व्यवस्था की बहस को जन्म दे दिया था।

दरअसल, 14 जनवरी को भी देवरा यात्रा की डोली को खेल मैदान के भीतर प्रवेश नहीं मिल पाया था, जिससे श्रद्धालुओं में नाराजगी पनप गई थी। 15 जनवरी को बड़ी संख्या में एकत्रित भक्तों ने पारंपरिक मार्ग में बाधा बनने का आरोप लगाते हुए स्टेडियम का लोहे का गोल गेट तोड़ दिया और डोली को अंदर ले जाकर धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जुट गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, गेट तोड़ने और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के आरोप में 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। प्रशासन का कहना था कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। वहीं, स्थानीय लोगों का तर्क था कि सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा में अवरोध पैदा किया गया, जिससे भावनाएं आहत हुईं।
विवाद यहीं नहीं थमा। 17 जनवरी को प्रशासन ने उसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिससे स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन के बीच तनाव और बढ़ गया। व्यापारियों ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताया, जबकि प्रशासन ने इसे नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताया। पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गईं, और अंततः जिलाधिकारी प्रतीक जैन के तबादले को इसी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से तबादले को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है।
