विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास से ही सामाजिक और आर्थिक विकास की परिकल्पना की जा सकती है: प्रो० दुर्गेश पंत

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देहरादून:

उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् यूकॉस्ट में, आंचलिक विज्ञान केंद्र , देहरादून का आठवां स्थापना दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री एस एस श्रीमाली, वरिष्ठ वैज्ञानिक, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून थे। कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में डॉ डी पी उनियाल , संयुक्त निदेशक , यूकॉस्ट ने विज्ञान केंद्र के एवं परिषद् के कार्यों से सबको अवगत कराया। प्रोफेसर दुर्गेश पंत , महानिदेशक यूकॉस्ट ने परिषद् द्वारा संचालित विभिन्न विज्ञान लोकव्यापीकरण कार्यक्रमों से सबको अवगत कराया और परिषद् के नए प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी दी । उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास से ही सामाजिक और आर्थिक विकास की परिकल्पना की जा सकती है। इस अवसर पर साइंस सिटी के सलाहकार और पूर्व महानिदेशक एन सी एस एम् , श्री जी एस रौतेला ने नवाचार, उसके महत्त्व और केंद्र के मेम्बरशिप प्रोग्राम की जानकारी सबको दी। इंजीनिअर एस एस श्रीमाली जो कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भी थे उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के महत्त्व , उनके संरक्षण और वाटरशेड मैनेजमेंट पर एक व्याख्यान दिया । डॉ जी एस रावत, एमेरिटस साइंटिस्ट यूकॉस्ट, ने हिमालयन जैव विविधता पर एक व्याख्यान दिया और प्रकृति शोध के महत्त्व से सबको अवगत कराया। डॉ पीयूष जोशी , इंचार्ज आंचलिक विज्ञान केंद्र ने केंद्र की गतिविधियों की जानकारी सबको दी। इस कार्यक्रम का सञ्चालन कंचन डोभाल, वैज्ञानिक अधिकारी यूकॉस्ट ने किया। इस अवसर पर केंद्र के वार्षिक प्रतिवेदन और आंचलिक विज्ञान केंद्र तथा इनोवेशन हब/ नवाचार केंद्र के विवरणिका का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर विज्ञान केंद्र की नयी पहल वर्चुअल रियलिटी किओस्क एप्लीकेशन का भी उद्घाटन किया गया , इसके द्वारा आगंतुकों / विजिटर्स को वर्चुअल रियलिटी तकनीक की जानकारी दी जायेगी । इस अवसर पर कार्यक्रम में कम तापमान पर वस्तुओं की स्थिति, विषय पर एक साइंस डेमोंस्ट्रेशन लेक्चर का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में रिवर वैली स्कूल , तुलाज इंस्टिट्यूट सहित कई शिक्षण संस्थानों के लगभग 200 से अधिक छात्र – छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में यूकॉस्ट , आंचलिक विज्ञान केंद्र के अधिकारीयों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। केंद्र के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विज्ञान केंद्र का भ्रमण सभी आगंतुकों के लिए फ्री रखा गया था।

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