देहरादून में बिगड़ते आपराधिक हालात, देहरादून की जिम्मेदारी परमेंद्र सिंह डोबाल को

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देहरादून :

उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून में हाल के दिनों में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं, विशेषकर गोलीकांड की वारदातों ने आम जनता में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। शहर के पॉश इलाकों तक में अपराधियों की सक्रियता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

राजपुर रोड पर जिम में गोलीकांड

ताजा और सनसनीखेज घटना राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी परिसर के एक जिम में हुई, जहां प्रॉपर्टी डीलर विक्रम शर्मा की दो अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर जिम में घुसे और नजदीक से गोली चलाकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश या प्रॉपर्टी विवाद की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं

पिछले कुछ समय से देहरादून में हत्या, लूट और फायरिंग की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपराधियों द्वारा खुलेआम वारदात को अंजाम देने की घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय व्यापारियों और नागरिक संगठनों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सरकार की सख्त कार्रवाई

देहरादून में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। देहरादून की एसएसपी की कमान परमेंद्र सिंह डोबाल को दी गई है। वही कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं। माना जा रहा है कि यह कदम पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया है।

सूत्रों के अनुसार, देहरादून समेत कई जिलों के कप्तानों और वरिष्ठ पदों पर तैनात अधिकारियों को हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

आगे की चुनौती

देहरादून जैसे तेजी से विकसित होते शहर में बढ़ती आबादी, रियल एस्टेट कारोबार का विस्तार और बाहरी लोगों की आवाजाही के कारण अपराध की प्रकृति भी बदल रही है। ऐसे में पुलिस के सामने आधुनिक तकनीक, खुफिया नेटवर्क और त्वरित कार्रवाई की बड़ी चुनौती है।

जनता अब यह देखना चाहती है कि प्रशासनिक फेरबदल के बाद अपराध पर किस हद तक अंकुश लग पाता है और राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति कितनी सुधरती है।

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