‘VoW@VIRASAT’ में 30 अक्टूबर को होगा साहित्य और संस्कृति का संगम

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देहरादून:

पहाड़ की वादियों में जब शब्द और सुर एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, तब साहित्य केवल पढ़ा नहीं जाता, जिया जाता है। ‘वैली ऑफ वर्ड्स~शब्दावली’, ‘विरासत’ महोत्सव के साथ मिलकर 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर, देहरादून में साहित्यिक आयोजन ‘VoW@VIRASAT’ प्रस्तुत करने जा रहा है। दोपहर 1:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक चलने वाले इस आयोजन में पुस्तक-चर्चा, संवाद, कविता और संगीत के रंग एक ही मंच पर देखने को मिलेंगे।

आयोजन का आरंभ सचिन चौहान द्वारा स्वागत सम्बोधन से होगा, फिर राजकुमार पंवार की पुस्तक ‘अब हुआ सवेरा’ पर चर्चा होगी, जिसमें सोमेश्वर पांडे लेखक से संवाद करेंगे। यह कृति उत्तराखंड की दो ज्वलंत समस्याओं, पहाड़ से होते पलायन और युवाओं को अपनी गिरफ़्त में लेती नशे की प्रवृत्ति, को केंद्र में रखती है। इसके बाद हिंदी गीत-परंपरा के सुपरिचित हस्ताक्षर कवि बुद्धिनाथ मिश्र की समग्र काव्य-रचनाओं पर पर बातचीत होगी। प्रसिद्ध लेखक इंद्रजीत सिंह कवि के साथ उनकी सृजन-यात्रा और काव्य-दृष्टि पर संवाद करेंगे।

अगला सत्र पुस्तक ‘Uttarakhand@25’ पर केंद्रित है, जो अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। इसमें संपादक संजीव चोपड़ा और सह-संपादक गंधर्व गोपाल जोशी सहित राजलक्ष्मी दत्ता अपने विचार रखेंगे। सत्र की अध्यक्षता मनोज बर्थवाल करेंगे। उत्तराखंड राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर, इस यात्रा के विभिन्न पहलुओं पर इस सत्र में चर्चा होगी।

इसके बाद कविता की महफ़िल सजेगी। सचिन चौहान के संचालन और वरिष्ठ कवि बुद्धिनाथ मिश्र की अध्यक्षता में होने वाले कवि सम्मेलन में वरिष्ठ शायर अंबर खरबंदा, श्रुति वत्स, सोमेश्वर पांडे और भारती मिश्रा काव्य-पाठ करेंगे। उनकी रचनाएँ श्रोताओं को भावनाओं की अलग-अलग भूमियों की सैर कराएँगी।

आयोजन का समापन पंजाबी के विरह-कवि शिव कुमार बटालवी की रचनाओं की संगीतबद्ध प्रस्तुति से होगा, जिसे अभिनव त्यागी प्रस्तुत करेंगे। शब्दों और सुरों के इस संगम के साथ यह शाम स्मृतियों में बस जाने का वादा करती है।
वैली ऑफ़ वर्ड्स के संस्थापक एवं फ़ेस्टिवल डायरेक्टर डॉ. संजीव चोपड़ा ने कहा कि, “VoW और विरासत का यह संयुक्त आयोजन दो धाराओं के संगम जैसा है, जिसमें दोनों अपनी विशिष्टताओं के साथ देहरादून के सांस्कृतिक फ़लक को और ज़्यादा सुन्दर बना रहे हैं। यह देहरादून में साहित्य और कला को समृद्ध करने की दिशा में महत्वपूर्ण साझेदारी की शुरुआत है।”

‘वैली ऑफ वर्ड्स’ और ‘विरासत’ सभी साहित्य-रसिकों, पुस्तक-प्रेमियों, विद्यार्थियों और कला-अनुरागियों को इस आयोजन में सादर आमंत्रित करते हैं। आप अवश्य पधारें और शब्दों के इस उत्सव का हिस्सा बनें।

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