होर्मुज़ पर ईरान का बड़ा फैसला: भारत समेत ‘दोस्त देशों’ को ही मिलेगा रास्ता, ऊर्जा संकट गहराने के संकेत

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को लेकर बड़ा ऐलान किया है। ईरान ने साफ किया है कि अब यह मार्ग सभी देशों के लिए खुला नहीं रहेगा, बल्कि केवल “दोस्त देशों” को ही यहां से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

 

किन देशों को मिली राहत?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के अनुसार, भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों को इस अहम समुद्री मार्ग से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जा रही है। इन देशों को ईरान ने “फ्रेंडली नेशन” की श्रेणी में रखा है।

किन पर लगी रोक?

वहीं, अमेरिका और इज़राइल सहित उनके सहयोगी देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम सीधे तौर पर क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव और टकराव को दर्शाता है।

क्यों अहम है होर्मुज़ जलडमरूमध्य?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह का प्रतिबंध या नियंत्रण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालता है।

वैश्विक असर: बढ़ती चिंता

ईरान के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उछाल की आशंका बढ़ गई है। कई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है।

भारत के लिए क्या मायने?

भारत को इस फैसले से फिलहाल राहत मिलती दिख रही है, क्योंकि उसे “दोस्त देश” के रूप में मार्ग का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, हालांकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ईरान का यह फैसला वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा के समीकरण को बदलने वाला माना जा रहा है। Strait of Hormuz अब केवल एक समुद्री मार्ग नहीं, बल्कि शक्ति संतुलन का केंद्र बनता जा रहा है, जहां हर कदम का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

https://x.com/IRANinMumbai/status/2036883964854784018?s=20

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