‘नीट पेपर लीक नहीं हुआ’, संसदीय समिति की बैठक में NTA चीफ का दावा
“CBI जांच पूरी होने तक लीक नहीं मानेंगे” — सूत्र
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा National Testing Agency (NTA) को लेकर चल रहे विवाद के बीच संसदीय समिति की बैठक में बड़ा बयान सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, NTA के महानिदेशक (DG) और शीर्ष अधिकारियों ने संसदीय समिति के सामने कहा कि वे फिलहाल NEET-UG परीक्षा को “पेपर लीक” नहीं मानते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक Central Bureau of Investigation (CBI) अपनी जांच पूरी कर आधिकारिक रूप से इसे पेपर लीक घोषित नहीं करती, तब तक एजेंसी इसे लीक नहीं मानेगी।
संसदीय समिति की बैठक में उठा NEET विवाद
सूत्रों के मुताबिक, संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में NTA अधिकारियों से कई तीखे सवाल पूछे गए। समिति के सदस्यों ने पूछा कि यदि विभिन्न राज्यों में गिरफ्तारियां हुई हैं और प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के दावे सामने आए हैं, तो एजेंसी इसे लीक मानने से क्यों बच रही है।
इस पर NTA अधिकारियों ने जवाब दिया कि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि “कुछ मामलों में अनियमितता और संगठित गैंग की गतिविधियां सामने आई हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर पेपर लीक की पुष्टि CBI जांच के बाद ही होगी।”
देशभर में उठा था विरोध
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था। कई राज्यों में छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कुछ लोगों तक पहुंच गया था। सोशल मीडिया पर भी पेपर लीक के कई दावे वायरल हुए थे।
विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी थी। जांच एजेंसी बिहार, झारखंड, गुजरात और अन्य राज्यों में कथित पेपर लीक नेटवर्क की जांच कर रही है। कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
संसदीय समिति की बैठक के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और NTA पर निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं और लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। विपक्षी नेताओं ने मांग की कि जांच पूरी होने तक परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और जवाबदेही तय की जाए।
छात्रों में अब भी असमंजस
हालांकि NTA का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनी हुई है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई छात्र संगठनों ने मांग की है कि यदि जांच में बड़े स्तर पर गड़बड़ी साबित होती है तो परीक्षा दोबारा कराई जाए।
अब सभी की नजरें Central Bureau of Investigation की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई और परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
