अपराध उपन्यासकार एवं भारतीय सैन्य अकादमी की प्रोफेसर डॉ. रूबी गुप्ता ने आइसलैंड में अंतरराष्ट्रीय क्रिएटिव रेजिडेंसी पूरी की
देहरादून:
प्रख्यात अपराध उपन्यासकार तथा भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून के एसीसी विंग में मानविकी विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रूबी गुप्ता ने आइसलैंड स्थित गुलकिस्तान – सेंटर फॉर क्रिएटिविटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्रिएटिव रेजिडेंसी सफलतापूर्वक पूरी की। इस रेजिडेंसी के लिए उनका चयन किया गया था, जहाँ उन्होंने जून माह में अपने आगामी रहस्य-उपन्यास के लिए शोध एवं रचनात्मक कार्य किया। इस दौरान उन्होंने आइसलैंड की प्राकृतिक छटा, लोककथाओं और इतिहास से प्रेरणा प्राप्त की।
दक्षिणी आइसलैंड के प्रसिद्ध गोल्डन सर्कल क्षेत्र के लाउगारवाटन में स्थित गुलकिस्तान, आइसलैंड की अग्रणी अंतरराष्ट्रीय कलाकार-संचालित रेजिडेंसियों में से एक है। वर्ष 2009 में स्थापित इस संस्था में अब तक 40 से अधिक देशों के 700 से अधिक रचनाकार—लेखक, चित्रकार, संगीतकार, फिल्मकार, फोटोग्राफर, डिज़ाइनर, वास्तुकार, क्यूरेटर और वैज्ञानिक—सृजनात्मक कार्य कर चुके हैं। यह रेजिडेंसी विश्वभर की कलाकार रेजिडेंसियों को जोड़ने वाले प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क रेस आर्टिस (Res Artis) की सदस्य भी है।
प्रोफेसर रूबी गुप्ता अब इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पूर्व-रेजिडेंट समुदाय का हिस्सा बन गई हैं, जिसमें इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका गीतांजलि श्री, आइसलैंडिक लिटरेरी प्राइज़ से सम्मानित उपन्यासकार हॉलग्रिमुर हेल्गासोन, पुरस्कार विजेता स्पेनिश उपन्यासकार क्रिस्टीना सांचेज़-अंद्रादे, तथा ह्यूगो, नेब्युला और वर्ल्ड फैंटेसी पुरस्कार विजेता अमेरिकी लेखिका किज जॉनसन जैसी अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक हस्तियाँ शामिल हैं।
पूर्व पत्रकार रह चुकीं प्रोफेसर. गुप्ता अब तक दस पुस्तकों की लेखिका हैं। उनकी चर्चित कृतियों में A Degree in Death, No Illusions in Xanadu (ब्लूम्सबरी), The Secret of Leifeng Pagoda तथा उनकी नवीनतम पुस्तक Love&Crime शामिल हैं। उनकी रचनाओं में अपराध कथा का इतिहास, जासूसी, मनोविज्ञान और सैन्य विषयों के साथ प्रभावशाली समन्वय देखने को मिलता है। भारतीय परमाणु वैज्ञानिकों की रहस्यमय मौतों से प्रेरित उनके उपन्यास The Secret of Leifeng Pagoda पर वर्तमान में स्क्रीन रूपांतरण का कार्य चल रहा है।
रेजिडेंसी के दौरान डॉ. गुप्ता ने आइसलैंड के विशिष्ट भूगोल, इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं का गहन अध्ययन करते हुए अपने अगले रहस्य-उपन्यास के लिए शोध और वैचारिक रूपरेखा तैयार की।
अपने अनुभव साझा करते हुए प्रोफेसर. गुप्ता ने कहा, “गुलकिस्तान ने मुझे आज की तेज़ रफ़्तार दुनिया में एक ऐसा दुर्लभ उपहार दिया, जिसकी आज सबसे अधिक आवश्यकता है—शांति, समय और रचनात्मक स्वतंत्रता। आग और बर्फ़ के अद्भुत विरोधाभासों से निर्मित आइसलैंड का कठोर किंतु मनोहारी प्राकृतिक परिवेश आत्मा को गहराई से स्पर्श करता है और कल्पनाशक्ति को नई धार देता है। वहाँ रहकर तथा विभिन्न देशों और विधाओं के कलाकारों के साथ विचारों का आदान-प्रदान कर मेरे शोध और एक अपराध लेखिका के रूप में मेरी दृष्टि दोनों समृद्ध हुए हैं।”
प्रोफेसर. गुप्ता इससे पूर्व इंग्लैंड के अगाथा क्रिस्टी फेस्टिवल में ‘इंटरनेशनल राइटर-इन-रेज़िडेंस’ के रूप में सम्मानित हो चुकी हैं। आइसलैंड की यह रेजिडेंसी उनके अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक जुड़ाव को और सुदृढ़ करती है तथा भारतीय सैन्य अकादमी में उनके शैक्षणिक दायित्वों और एक अपराध उपन्यासकार के रूप में उनकी साहित्यिक यात्रा को नई ऊँचाई प्रदान करती है।
