देहरादून :
‘द अनबिकमिंग’ ने देहरादून में छेड़ा आत्ममंथन का संवाद, सफलता से आगे जीवन के उद्देश्य पर हुई सार्थक चर्चा
लेखक कार्तिकेय वाजपेयी बोले, ‘द अनबिकमिंग’ उत्तर देने नहीं, बल्कि स्वयं से कठिन प्रश्न पूछने की यात्रा है; डॉ. संजीव चोपड़ा के साथ हुआ विचारोत्तेजक संवाद
देहरादून, 9 जुलाई, 2026: क्या हमारी पहचान केवल हमारी उपलब्धियों से तय होती है? क्या सफलता ही जीवन का अंतिम लक्ष्य है, या जीवन का कोई गहरा उद्देश्य भी है? इन्हीं प्रश्नों के इर्द-गिर्द लेखक एवं अधिवक्ता कार्तिकेय वाजपेयी की चर्चित पुस्तक The Unbecoming: Let Life Reveal Its Purpose पर देहरादून में एक विशेष साहित्यिक संवाद आयोजित किया गया।
Valley of Words (VoW) International Literature & Arts Festival के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों, लेखकों, पाठकों और बुद्धिजीवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुस्तक के औपचारिक लोकार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर कार्तिकेय वाजपेयी, डॉ. संजीव चोपड़ा, सतीश शर्मा और रश्मि चोपड़ा मंच पर उपस्थित रहे। इसके बाद Valley of Words के फेस्टिवल डायरेक्टर डॉ. संजीव चोपड़ा और लेखक कार्तिकेय वाजपेयी के बीच आधुनिक जीवन और आत्मबोध पर केंद्रित एक वैचारिक संवाद हुआ, जिसमें पहचान, महत्वाकांक्षा, भय, और जीवन के वास्तविक उद्देश्य जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई।
कार्तिकेय वाजपेयी ने कहा, “आज की दुनिया हमें लगातार अधिक हासिल करने, अधिक बनने और दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रेरित करती है। लेकिन इस पूरी दौड़ में हम अक्सर यह पूछना भूल जाते हैं कि हम वास्तव में कौन हैं। ‘द अनबिकमिंग’ किसी निश्चित उत्तर तक पहुँचने की नहीं, बल्कि स्वयं से ईमानदार प्रश्न पूछने की यात्रा है। यदि यह पुस्तक पाठकों को कुछ देर रुककर अपने भीतर झाँकने और जीवन के उद्देश्य पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है, तो मैं इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानूँगा। देहरादून जैसे साहित्यिक और बौद्धिक शहर में इस संवाद का हिस्सा बनना मेरे लिए अत्यंत संतोषजनक रहा।”
संवाद के दौरान दोनों वक्ताओं ने इस बात पर विचार साझा किए कि किस प्रकार सामाजिक अपेक्षाएँ, उपलब्धियों का दबाव और सफलता की पारंपरिक परिभाषाएँ व्यक्ति की पहचान को प्रभावित करती हैं। चर्चा में यह भी सामने आया कि आत्मबोध की यात्रा अक्सर तब शुरू होती है, जब व्यक्ति उन पहचानों पर प्रश्न उठाना शुरू करता है जिन्हें उसने बिना सोचे-समझे स्वीकार कर लिया होता है।
डॉ. संजीव चोपड़ा ने कहा, “साहित्य का सबसे बड़ा उद्देश्य केवल कहानी कहना नहीं, बल्कि पाठकों के भीतर विचारों की नई खिड़कियाँ खोलना है। ‘द अनबिकमिंग’ ऐसी ही पुस्तक है, जो आसान उत्तर देने के बजाय कठिन प्रश्न पूछने का साहस करती है। यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है और यही इसे समकालीन साहित्य में विशिष्ट बनाती है।”
पुस्तक की एक विशेष पहचान यह भी है कि इसमें विश्व के दो प्रतिष्ठित आध्यात्मिक चिंतकों- परम पावन दलाई लामा और स्वामी सर्वप्रियानंद, की भूमिका (Foreword) शामिल है। आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और चेतना पर उनके विचार पुस्तक को एक व्यापक दार्शनिक संदर्भ प्रदान करते हैं।
The Unbecoming उपन्यास के केंद्रीय पात्र सिद्धार्थ, जो एक चर्चित क्रिकेटर हैं, और उनके गुरु अजय की कहानी के माध्यम से आधुनिक जीवन के उन प्रश्नों को सामने लाती है, जिनसे आज लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में जूझ रहा है। गुरु-शिष्य संबंध, पहचान, भय, महत्वाकांक्षा, रिश्ते, अपेक्षाएँ और आत्मस्वीकृति जैसे विषय इस पुस्तक की मूल संवेदना हैं।
कार्यक्रम के समापन पर श्रोताओं ने लेखक से संवाद किया और पुस्तक के विभिन्न आयामों पर अपने प्रश्न रखे। इसके बाद आयोजित बुक साइनिंग सत्र में बड़ी संख्या में पाठकों ने लेखक से मुलाकात की और पुस्तक की प्रतियों पर उनके हस्ताक्षर प्राप्त किए।
कार्तिकेय वाजपेयी नई दिल्ली स्थित अधिवक्ता हैं और अपनी विधि संस्था के संस्थापक हैं। वे पूर्व राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी भी रह चुके हैं तथा वर्तमान में Team India Lawyers का प्रतिनिधित्व करते हुए Lawyers Cricket World Cup में भाग लेते हैं। बौद्ध दर्शन, अद्वैत वेदांत, योग और ध्यान में उनकी गहरी रुचि उनकी लेखनी को विशिष्ट दार्शनिक दृष्टि प्रदान करती है। The Unbecoming: Let Life Reveal Its Purpose उनकी ऐसी कृति है, जो आधुनिक जीवन के बीच आत्मबोध और जीवन के उद्देश्य की खोज को संवेदनशीलता और गहराई से प्रस्तुत करती है।
Valley of Words (VoW) एक विशिष्ट, गैर-लाभकारी और स्वयंसेवकों द्वारा संचालित साहित्यिक पहल है, जिसने पिछले एक दशक में भारतीय साहित्य और कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। यह मंच देशभर के लेखकों, कलाकारों, आलोचकों, रंगकर्मियों, पाठकों और रचनात्मक समुदाय को एक साथ लाकर भारतीय साहित्यिक परंपरा को समृद्ध बनाने तथा नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का निरंतर कार्य कर रहा है।
