विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे अधिकारी: सचिव दीपक कुमार

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भीमताल :

*भीमताल में 25 बिंदुओं पर समीक्षा बैठक, सीएम घोषणाओं से लेकर गड्ढा मुक्त सड़क तक होगा सत्यापन*
*सचिव, संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन, उत्तराखण्ड दीपक कुमार* की अध्यक्षता में रविवार को *विकास भवन भीमताल* में विभागीय अधिकारियों के साथ *व्यापक समीक्षा बैठक* आयोजित की गई।

बैठक में सचिव द्वारा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर जमीनी हकीकत परखने के निर्देश दिए ।
सचिव ने कहा कि *योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे*, यह सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में योजनाओं का भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को *लाभार्थी सत्यापन, अवसंरचना निरीक्षण एवं सेवा वितरण की गुणवत्ता* पर विशेष जोर देने को कहा।

बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए लंबित घोषणाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों का रैन्डम वेरिफिकेशन कर गुणवत्ता के साथ निस्तारण के निर्देश दिए । सचिव ने स्वरोजगार को बढ़ावा दिए जाने सहित महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए स्वयं सहायता समूह एनआरएलएम/एनयूएलएम के तहत गठित समूहों को और अधिक आर्थिक मजबूती हेतु आय के स्रोतों पर बल देने की बात कही। साथ ही दस उच्चतम एवं दस निम्नतम समूहों की सूची बनाकर अन्य जिलों से प्रतिस्पर्धा कर आगे बढ़ने के निर्देश दिये. साथ ही कुल समूहों में से शतप्रतिशत लखपति दीदी समूहों की छंटनी कर, अन्य समूहों को इसमें लाने के भी निर्देश दिये.
सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए राजकीय एवं लघु सिंचाई की अवसंरचना सुविधाओं, नहर, गूलों, हाइड्रम योजनाओं को मरम्मत सुधारीकरण का कार्य समय पर पूर्ण करते हुए किसानों को सिंचाई योजना का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए।
पीएम आवास योजना की समीक्षा के दौरान सचिव ने ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में निर्मित आवासों का लाभार्थीवार सत्यापन सहित अन्य निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन योजनांतर्गत हर घर नल से जल के तहत संचालित योजनाओं व कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए गए संयोजनों का समय समय पर सत्यापन के निर्देश दिए।
पीएमजीएसवाई निर्मित सड़कों की समीक्षा के दौरान। सचिव ने विभागीय अधिकारियों को सड़कों को गढ्ढामुक्त रखने सड़कों की गुणवत्ता रखते हुए उनका समय समय पर सत्यापन के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान करने सहित स्थलीय सत्यापन के निर्देश दिए।

बैठक में सचिव द्वारा जिले में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित प्रमुख योजनाओं, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, पीएम कौशल विकास केंद्र संचालन की स्थिति एवं इन केन्द्रों में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं के बारे में आवश्यक जानकारी,
जिले में सरकारी अस्पतालों में दी रही स्वास्थ्य सेवाओं,
चिकित्सकों की तैनाती एवं आमजन को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसके अलावा विद्यालयों में पठन पाठन व्यवस्था,बालक बालिकाओं हेतु विद्यालय में पृथक से शौचालयों की व्यवस्था,पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए शिक्षा के उन्नयन पर विशेष बल दिया।
कृषि व उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान सचिव ने किसानों को अधिक वर्षा,अंधड़ एवं ओलों से क्षेति खेती के बीमा का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषिबीज, कृषि यंत्र, खाद समय पर वितरण किया जाय।
बैठक में सचिव दीपक कुमार द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा अपनाई जा रही नवाचारों की भी जानकारी ली गई।
इसके अतिरिक्त उन्होंने मत्स्य पालन,पीएम मातृत्व वंदना योजना,गड्ढा मुक्त सड़क की स्थिति, राष्ट्रीय पोषण मिशन, कुपोषण उन्मूलन हेतु चल रहे कार्य,
पीएम कृषि सिंचाई योजना की प्रगति, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं क्रियान्वयन की स्थिति जिले में कानून व्यवस्था, अपराधों की विवेचना, साइबर सुरक्षा, साइबर फ्रॉड की रोकथाम व साइबर सिक्योरिटी केलिए किए जा रहे उपायों, ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड के अंतर्गत नशा उन्मूलन हेतु उठाए गए कदमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में सचिव ने उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह फील्ड में जाकर योजनाओं का सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिए।

सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को NRLM के सहयोग से उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता इत्यादि संबंधित विभागों के साथ मिलकर प्रत्येक विकासखंड में एक फार्मिंग मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए.

सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के अन्तर्गत अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार गांवों में रात्रि विश्राम हेतु निर्देशित किया.

साथ ही समस्त विभागों को द्वितीय राजभाषा के उत्थान हेतु कार्यालयों के बोर्ड एवं कक्षों के नाम- पदनाम पट्टिका संस्कृत भाषा में भी लिखने हेतु निर्देशित किया.

जनगणना कार्यों की समीक्षा करते हुए कुछ क्षेत्रों में कार्य शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए कार्यों को समय से पूर्व सम्पन्न करने के निर्देश दिये.

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ असवाल, सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए चंदा फर्त्याल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ मुकेश नेगी सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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